मगर एक वक़्त था जब संसद भवन नहीं था. अगर संसद भवन नहीं था तो सांसद कहां बैठते थे और बैठकें कहां होती थीं. आइए जानते हैं कि, पहली बैठक कहां हुई और संसद भवन की जगह कौन से सदन में ये बैठकें होती थीं? आज़ादी से पहले की बात है जब ब्रिटिश सरकार का देश पर राज था. इस दौर में लोकसभा नहीं होती थी इंपीरियल लेजिस्लेटिव काउंसिल हुआ करती थी और इन्हीं को सारे ज़रूरी और बड़े फ़ैसले लेने का अधिकार था. उसी दौरान 1911 के क़रीब देश की राजधानी कोलकाता से बदलकर दिल्ली की गई थी और एक नए शहर को बसाया जा रहा था. नया शहर तो नई काउंसिल इसी के चलते 1919 में नई काउंसिल का गठन हुआ. इस काउंसिल में सदस्यों की संख्या 145 हो चुकी थी. आगे पढ़े...
भोपाल। मध्यप्रदेश में कोरोना संक्रमण काल में अनाथ हुए बच्चों को सरकार 21 साल तक 5 हजार रुपए की पेंशन हर महीने देगी। मुख्यमंत्री कोविड-19 जनकल्याण योजना के आदेश के मुताबिक एक मार्च 2020 से कोरोना के चलते जान गंवाने वाले लोगों के आश्रित बच्चों को योजना के दायरे में लाया जाएगा। ऐसे पीड़ित परिवार के 21 साल तक के बच्चों को योजना का लाभ मिल स ऐसे परिवार के बच्चों को 21 साल की आयु तक 5 हजार रुपए की पेंशन देने के साथ मुफ्त राशन भी दिया जाएगा। कोविड जनकल्याण योजना के दायरे में आने वाले बच्चों को पहलीं क्लास से लेकर पीएचडी तक मुफ्त शिक्षा मिलेगी वहीं हायर एजुकेशन की पढ़ाई के दौरान 15 सौ रुपए निर्वाहन भत्ता हर महीने दिया जाएगा।
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